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शुक्रवार, 13 अक्तूबर 2017

Self-confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके। self confidene in hindi

इस पोस्ट में हम self confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके सीखेगे।
अगर आपके अंदर आत्मविश्वास नही है तो आप किसी भी कार्य को पूरी तरह नही कर सकते चाहे वो छोटा सा कार्य क्यो न हो आप उसमे कोई  न कोई गलती जरूर करेंगे। बेशक इसके बिना सफलता पाना मुश्किल ही नही नमूंकिन है। अगर आपके पास आत्मविश्वास है तो आप आधी जंग सिर्फ इसी के बल जीत जायेंगे और मेहनत करेंगे तो पूरी इसमे कोई शक नही है। आत्मविश्वास की कमी बस आपकी कमी से होता हैं। इस पोस्ट में हम आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय जानेगे।

अगर इसे एक साथ परिभाषित करे तो इसके अनुसार आत्मविश्वास वह सूर्य है जिसके द्धारा बडे से बडा कार्य हम आसानी से कर सकते है। कोई भी मुश्किल या मुसीबत बडी नही होती है। भले ही हम कुछ दिन के लिए उस पर अमल करना छोड देतें है। अगर हम उसमे  ध्यान से गौर करे तो तुरन्त उस का हल मिल जाता है क्योकि किसी भी problem का solution तो उसी problem के अंदर होता है।Self confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके

चलो इस बात का सिलसिला यही बंद करके इसे बढाने के उपाय जानते है :

Self confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके-


  1. I can का attitude बनाये रखे:
                                            इसे increase करने के लिए ये सबसे बढिया तरीका है। जब आप किसी कार्य को करने से पहले कहते है कि I Can  यानी मैं यह कार्य कर सकता हूँ तो आपका आपका mind इस कार्य को करने मे लग जाता है और उसी के अनुसार कार्य करना प्रारम्भ कर देता है। क्योकि हमारा पूरा शरीर इसी के अनुसार चलता है  और अगर आपने पहले से सोच लेते है  कि I can't  तो यह इसी के अनुसार अपना कार्य करेगा और हमारा उस कार्य को करने में मन ही नही लगेगा जिससे आप उसे अधूरा छोड देंगे।
लेखक यहाँँ पर अपने अनुभव के आधार पर यही कहना चाहता है कि आत्मविश्वास काफी हद तक हमारी सोचने के आधार पर निर्भर करता है कि हम सकारात्मक सोचते है या नकारात्मक और इसी के आधार पर हमारा शरीर तथा दिमाक कार्य करता है।
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                2. सकारात्मक सोच है जरूरी:                Self Confidence और positive thoughts एक सिक्के के पहलू है जो एक दूसरे के बिना नही रह सकते। यदि एक है तो दूसरा नही और यदि दूसरा है तो पहला नही।  इसमे तो इसकी गुंजाइस ही नही है ये दोनो सिर्फ एक साथ ही उत्पन्न हो सकते है।
जैसे एक उदाहरण लेते है जब आप कोई कार्य कर रहे है और उस कार्य को लेकर आपके अंदर नकारात्मक सोच है  यानी आप यहा पर positive नही है तो क्या आप उस कार्य को ढंग से कर पायेगें। जवाब विल्कुल नही क्योकि आपका मन उतना नही लगेगा उस कार्य को करने में।
अब आप सोच रहै कि इसके लिए आप क्या करेगे  तो आप यहा गलत है क्योकि मैं इस सवाल का जवाब पहले बता चुका हूँ। कि ये दोनो एक दूसरे पर depend करती है यानी आप इसमे भी आई कैन का attitude बना सकते है।
   
3. चिंता विल्कुल न करे:     
                             एक कहावत है की चिंता व्यक्ति को चिता मे लिटा देती है। आप इसके नाम से ही जान सकते कि यह कितनी घातक है। अब हम चिंता का अर्थ बताते है। जब आप किसी बात को लेकर चितिंत है तो इसका साफ अर्थ है कि आप उस बात को लेकर परेशान है अर्थात साफ शब्दो में कहा जाये तो आप उस कार्य को लेकर सक कर रहे है कि वह कार्य हो सकता है या नही।
यानी आप यहा पूरी तरह विश्वास नही करते कि आपका काम हो पायेगा। यदि आप अपने आत्मा के विश्वास को बढाना चाहते है तो इसका पूरी तरह त्याग करना होगा। सोचो मगर चिंता न करो। ये दोनो अलग अलग चीजे है। इसे हम अलग से पोस्ट करेंगे क्योकि इसे समझाने में काफी टाइम लगेगा।

4. सकारात्मक लोगो से मिलें:      
                                  आपने ये बात जरूर सुनी होगी कि जैसा खाओगे आहार वैसा होगा व्यवहार और जैसी पढोगे पुस्तक वैसा होगा मस्तक।
विवेकानन्द जी ने कहा था कि एक अच्छी पुस्तक इंसान की एक सबसे बढिया मित्र होती है और एक अच्छा मित्र एक लाइब्रेरी पुस्तक के बरावर होता है।
चाणक्य जी चाणक्य नीति के अनुसार  नकारात्मक सोच वाले   मित्र को कडवे ढेले की तरह त्याग दो नही तो वह आपका ही नुकसान करेगा। क्योकि कुछ ही दिनो मे उसकी नकारात्मकता आपके अंदर जगह बना लेती ही और आप भी negative सोचने लगगें।
संगत का इंसान के जीवन में बहुत गहरा प्रभाव पडता है वह जैसे लोगो के साथ रहता है धीरे धीरे उसी के स्वभाव में ढल जाता है। जैसे किसी व्यक्ति का friend नशे का आदी है तो कुछ दिनो बाद ही वह अपने मित्र को इस नशा में शामिल कर लेंगा। तो ऐसे व्यक्तियो को त्याग करे और हो सके तो positive सोच वाले से ही मिले। जिससे आप भी उनकी सोच में ढले और अपने आप को विकसित (develop) करे जो इस वेवसाइट का मुख्य उद्देश्य है।

5. Dressing sensnse है जरूरी:
आप किस तरह dress up होते है इसका असर आपके confidence पर पड़ता है। मैं यहाँ पर आज के जवाने के लोगों के लिए बात कर रहा हूं न कि स्वामी विवेकानन्द जैसे महापुरुषों की इनसे उनका कोई लेना देना नही है।
मैने खुद feel किया है कि जब मैं अच्छे dress up में होता हूँ तो अपने आप को ज्यादा comfort तथा confident महसूस करता हूँ। जब आप अपने आप को atire महसूस करेंगे तो आपका confidence automatically बढे़गा, इसलिए जब भी मैं किसी interview में जाता हूँ तो बहुत अच्छे से तैयार होकर जाता हूँ।

 वे लोग जो presentation या interview में जाते है तो उनको यहीं सलाह दी जाती है कि वे अच्छे से कपडे़ पहनकर जाये या ढंग से तैयार हो क्योंकि वे सोचतें है कि इससे interview लेने वाला impress हो जायेगा पर यह नहीं सोच पाते कि इसमें उसका confidence भी बढे़गा।
सही मायनों में कहूं तो अच्छे कपडे़ पहनने से किसी को भी face करने का conference बढ़ता है। जबकि poor dress आपको conscious करते है।
यहां पर मुझे एक कहावत याद आ गयी है जिसे मैं आप लोगों से कह ही देता हूँ । कहावत के अनुसार आप जितना कपड़ों में खर्च करना चाहतें है उतना ही कीजिए मगर जितने कपड़ों को खरीदते है उसके आधे ही खरीदें।

6. वो काम कीजिए जो confident लोग करते है:
आपने अपने आस-पास कई लोगों को देखा होंगा जो अपने आप को confident महसूस करते हो। आप उनकी कुछ activities को ध्यान में रखिये और उन्हें अपने जीवन उतारने की कोशिश करिये। यकीन मानिये इससे आपका फायदा जरूर होगा। for example-

  • Front seat में बैठें।
  • नजरे चुराना अब छोड़िये।
  • हर seminar में भाग ले और खुलकर question and answer पूंछे।
  • दबी हुई आवाज में न बोले।
यदि आप इन सभी ideas को अपने जीवन में उतारते है तो शत प्रतिशत आपका confidence बढे़गा न कि घटेगा। यानि आपको confident लोगों के कुछ गुण अपनाकर ही आपको इतना फायदा हो गया।

7. अपने interest में आगे बढे़-
हर व्यक्ति कि किसी न किसी फील्ड में एक अच्छी पहचान होती है। जैसे आप खेल में ज्यादा पर पढ़ाई पर कम interest लेते है तो इसका मतलब ये हैं कि आप खेल में पढ़ाई से ज्यादा दक्ष होगे और जो काम पसंद का न हो तो उस काम को कोई ढंग से नहीं कर पाता है।
हर कोई अपनी फील्ड में पूर्णतः दक्ष तो नहीं हो सकता पर एक या दो फील्ड जिसमें उसका interest है उसमें उसका performance औरों के मुकाबले अधिक हो सकता है। इसलिए मैं आप सबको यहीं सलाह दूंगा कि आपके पास एक या दो ऐसी field जरूर होगी जिसमें आप औरों से बेहतर बन सकते है, उसे ही चुनने की कोशिश करे।

जब मैं स्कूल में पढ़ता था तो मैं पढ़ाई में और students के मुकाबले weak था पर मैं geography में क्लास में सबसे ज्यादा था जिसके कारण मैं अपने आप पर confident महसूस करता था। यदि आप किसी चीज में महारथ हासिल कर लेते है तो यह बात 100% sure है कि आपका confidence जरुर बढ़ेगा।
बस आपको अपने interest की fields को choose करना है और अपने circle में best or good बनना होगा, circle के अंदर आप स्कूल, एरिया या शहर को चुनना होगा।

आप किसी भी फील्ड जैसे- art या कोई खेल, music या ऐसी फील्ड जिसमें आपका interest ज्यादा हो, को चुन सकते है। आपके पास कोई न कोई विषय जरूर होगा जिसमें आप special बन सकते है। यह कोई मुश्किल नहीं है क्योंकि आप already किसी न किसी चीज में जरूर बेहतर होंगे, जरूरत तो बस इतनी मेहनत करने कि आप उसमें पूरी तरह expert बन जायें। इसमें थोड़ा वक्त जरूर लगेगा पर यकीन मानिये जब आप success हो जायेंगे तो दुनिया आपको जरूर सलाम करेगी जिससे आपका confident भी  automatically बढ़ेगा।
जब कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में famous or special  हो जाता है तो उसे दूसरे fields  की उसे चिंता या मलाल नही होता कि उस क्षेत्र में वह कमजोर भी है। अब उदाहरण के तौर पर सचिन तेंदुलकर जी को ही ले लीजिये और सोचियें कि क्या सचिन तेंदुलकर पढ़ाई को लेकर परेशान होते होंगे कि उन्होंने कम पढ़ाई की है... कभी  नहीं!

8. अपने achievement को याद रखना जरूरी -
आपने past में जरूर कोई ऐसा achievement हासिल किया होगा जिसे याद करके आप confident महसूस करते होंगे। जैसे कि आप कभी क्लास में first आये हो, भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, किसी subject में top आये हो या किसी भी competition में प्रथम आये हो। कोई भी चीज ले सकते है जो आपको अच्छा feel कराये।

Confidence बढ़ाने या boost करने का इससे अच्छा कोई idea हो ही नही सकता है। जब भी आपको अपना confidence बढ़ाना हो तो आप पिछली achievement  को डायरी में लिख सकते जिससे आपका confidence जरूर बढ़ेगा। आप images या movie के रूप में आप इसे अपने दिमाक में बिठा सकते हैं और जब भी boost करने का मन करे तो आप इसे दिमाक में play कर लें। definitely ये idea जरूर आपकी मदद करेगा।

9. अपने आप को confident महसूस करें:
Visualization में इतनी ताकत हैं कि यदि आप किसी चीज पर आप अपने आप को visualize करते हैं तो धीरे-2 आप इसी रुप में ढ़लते जाते हैं। आपकी प्रबल सोंच ही आपको हकीकत में ले जाती है इसलिए अपने आप confident person के रुप में सोचें।
मैं ये नहीं कह रहा कि बस आप यही सिर्फ सोंचे, आप कुछ भी कल्पना कर सकते है जैसे कि आप किसी seminar में भाषण दे रहे हैं और लोग खुश होकर तालियां बजा रहे हैं।
Albert Einstein ने खुद imagination को knowledge सबसे बड़ी ताकत बताया हैं, और इसके use से आप बड़ा से बड़ा कार्य चुटकियों में कर सकते हैं।

10. गलतियों सें क्या ड़रना- 
इस दुनिया में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हैं जो कभी गलती ही न की हो। क्या आपने ऐसा व्यक्ति देखा है.. शायद नहीं!
मनुष्य को गलतियों का पुतला कहते हैं और जब वह कोई गलती नहीं करेगा तो सीखेगा क्या? मैं यही कहूंगा कि गलती करना मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार हैं। गलती करना गलत नहीं पर उसे दोहराना गलत हैं। हर गलती आपको एक नयी सीख देती हैं और यदि आपने सीख ले ली है तो दुबारा गलती क्यों?

दोस्तो कई बार ऐसा होता हैं कि हमारे पास सब कुछ हैं जो सफल होने के लिए चाहिये पर failure के डर से हम अपना confident low कर लेते हैं जिससे हमें हार का सामना करना पड़ता हैं। आप न ड़रिये अरे ड़रना तो उसे चाहिये जिसने प्रयास न किया हो। कोई भी इतिहास या महापुरुषों की जीवनी उठा कर देख सकते है, शायद ही कोई ऐसा होगा जो एक बार भी असफल न हुआ हो पर उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। at last उन्होंने कई सफलताएं प्राप्त की जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

Michael Jordan जो कि दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं वो खुद कहतें है कि मैं जिंदगी भर असफल रहा तभी तो सफल होता हूँ।
आपकी थोड़ी सी हिम्मत आपका confidence कई गुना बढ़ा सकती हैं, कहते हैं न कि ड़र के आगे जीत हैं।

Friends, ये जरुर याद रखे कि confidence आपके education या financial conditions पर निर्भर नहीं करता हैं। आपकी मर्ज़ी के बगैर कोई भी आपको inferior महसूस नहीं करा सकता हैं।
All the best!


  • हमें उम्मीद हैं कि आपको हमारा आर्टिकल जरुर अच्छा लगा होगा। हमें जरूर कमेंट में बताएं।

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